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छत्तीसगढ़ - रिश्वत लेते ASI और डॉक्टर सहयोगी राजू देवांगन के साथ गिरफ्तार, ACB की कार्यवाही

छत्तीसगढ़ - रिश्वत लेते ASI और डॉक्टर सहयोगी राजू देवांगन के साथ गिरफ्तार, ACB की कार्यवाही

रायपुर 17 अक्टूबर 2025 - शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो ने दो अलग-अलग जिलों में कार्यवाही कर डाक्टर और ASI सहित तीन लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सक्ती जिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) राजेन्द्र कुमार पटेल और कोरिया जिले में थाना पटना के ASI पी. टोप्पो एवं उसके सहयोगी राजू कुमार देवांगन को रिश्वत लेते पकड़ा गया। दोनों मामलों में ACB ने आरोपियों के खिलाफ धारा 7 और 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

पहला मामला सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) कार्यालय का है। उमेश कुमार चंद्रा, निवासी डभरा BMO कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत हैं, ने ACB बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके यात्रा भत्ता बिल की राशि पारित करने के एवज में बीएमओ डॉ. राजेन्द्र कुमार पटेल ने ₹32,500 की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पहले ही ₹10,500 अग्रिम के रूप में ले लिए थे और बाकी ₹15,000 लेने के लिए सहमत हुआ था। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB बिलासपुर की टीम ने 17 अक्टूबर 2025 को ट्रैप आयोजित किया। तय योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी BMO ने शिकायतकर्ता से ₹15,000 की दूसरी किश्त ली ACB टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

दूसरा मामला जिला कोरिया के थाना पटना का है। शिकायतकर्ता मो. शाह खान, निवासी ग्राम खोड, ने ACB अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी छोटी बेटी आशिया नाज का सड़क हादसे में पैर टूट गया था, जिसके बाद उन्होंने 27 सितंबर 2025 को थाना पटना में FIR दर्ज कराई थी।शिकायत कर्ता ने बताया कि विवेचक ASI पी. टोप्पो ने अंतिम रिपोर्ट तैयार करने और दुर्घटना आरोपी से इलाज का खर्च दिलवाने के नाम पर ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी। बाद में उसने रकम बढ़ाकर ₹15,000 कर दी और ₹3,000 अग्रिम के रूप में ले लिए।

शिकायत सत्यापन के बाद ACB अंबिकापुर की टीम ने शुक्रवार को ट्रैप की कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी ASI पी. टोप्पो ने अपने निजी सहयोगी राजू कुमार देवांगन के माध्यम से शिकायतकर्ता से ₹12,000 की शेष राशि ली, दोनों को ACB ने रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 7 और 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।