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छत्तीसगढ़ - स्मार्ट मीटर की नही हो रही रीडिंग , दफ्तर में बैठ कर भेजा जा रहा है मनमाना बिजली बिल

छत्तीसगढ़ - स्मार्ट मीटर की नही हो रही रीडिंग , दफ्तर में बैठ कर भेजा जा रहा है मनमाना बिजली बिल

रायपुर 23 जून 2025 - राजधानी में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर कार्यालय में बैठकर ही लोगों के बिजली बिल में मनमानी बढ़ोतरी कर रहे हैं। हालात यह हैं कि जिन उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल पहले औसतन 250 से 400 रुपये के बीच आता था, उन्हें अब 1500 से 1700 रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं।

जब उपभोक्ता इसकी शिकायत करते हैं तो अधिकारी और कर्मचारी गर्मी में अधिक खपत का हवाला देकर उन्हें वापस भेज देते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उपभोक्ताओं को नियमित समयावधि में बिल भी नहीं मिल रहे हैं और शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शहर में लगाए जा रहे नए स्मार्ट मीटर भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं।

संतोषी नगर के निवासी अनुराग ठाकुर ने बताया कि उनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल काफी बढ़ गया है। पहले उनका सामान्य बिल 450 से 550 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद से 1200 से 1600 रुपये तक बिल आने लगा है। उन्होंने भी शिकायत की, लेकिन उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कालोनी के निवासी राजेश ने बताया कि उनका बिजली बिल अमूमन 300 रुपये के आसपास आता था, लेकिन इस बार मई महीने में उन्हें 1570 रुपये का बिल भेजा गया है। उन्होंने पिछले एक साल की रीडिंग निकालकर दिखाई, जिसमें स्पष्ट था कि किसी भी महीने उनकी खपत 200 यूनिट तक नहीं पहुंची थी। इसके बावजूद उन्हें इस बार 461 यूनिट का बिल भेजा गया है।