रायपुर 03 सितम्बर 2025 - नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिख कर कहा है कि गत दिनों बस्तर संभाग में लगातार हुई भीषण वर्षा के कारण गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न है तथा बस्तर में बाढ़ से हुई जन-धन हानि पर तत्काल राहत एवं मुआवजा प्रदान करना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ऐसे अवसरों पर प्रभावित लोगो को तत्काल राहत और उचित मुआवजा दिया जाना आवश्यक है। इसके लिए SDRF और NDRF के प्रावधान स्पष्ट रूप से उपलब्ध हैं।
डा. महंत ने कहा कि इस आपदा से जन-जीवन पर गहरा असर पड़ा है। हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं, किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, मकान व संपत्तियों को अपार क्षति पहुँची है। कई ग्रामीण आज भी सुरक्षित आश्रय और भोजन-पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दुर्भाग्यवश, जिला प्रशासन की ओर से अपेक्षित तत्परता और सहयोग अब तक दिखाई नहीं पड़ा है। जनता स्वयं को असहाय अनुभव कर रही है।
डा. महंत ने कहा कि, छत्तीसगढ़ विशेष रूप से एक आदिवासी बहुल प्रदेश है। जहां जनजीवन मुख्यत: वन संसाधनों पर निर्भर रहता है। ऐसी स्थिति में जब फसलें और जंगल दोनों जलमग्न हो जाते हैं, तो आदिवासी भाइयों-बहनों के सामने भोजन, दवाईयों और आजीविका की भारी समस्या खड़ी हो जाती है। बरसात के मौसम में बीमारियों का फैलना, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां और सर्पदंश की आशंका भी बड़ी चुनौती है। यह केवल आर्थिक हानि का प्रश्न नहीं है, बल्कि जन-जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा का प्रश्न है। इस संकट से निकलने के लिए तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप आवश्यक है।